सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

महाराणा प्रताप का छोटा सा जीवन परिचय

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 में हुआ था इस दिन जेष्ठ शुक्ल का दिन था और इसी दिन राणा प्रताप की जयंती भी बनाई जाती है और जिस वार को इनका जन्म हुआ वह वार था रविवार इस तारीख को विश्व के ऐसे योद्धा ने जन्म लिया जो स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के लिए जाने गए जन्म स्थान कुंभलगढ़ के भीतर एक महल है

जिसका नाम है बादल महल इस महल में दो कक्ष हैं जनाना कक्ष और मर्दाना कक्ष जनाना कक्ष में जुनी कचहरी के भीतर महाराणा प्रताप का जन्म हुआ महाराणा प्रताप के पिता का नाम उदय सिंह इनकी मां का नाम था जयंताबाई केजन्म के बाद जब वह 17 वर्ष के हुए तब उनका विवाह अजब्दे पवार से हुआ इनके पिता के सर्वश्रेष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप थे किंतु महाराणा प्रताप की के पिता उदय सिंह की एक दूसरी पत्नी भी थी जिनका नाम धीरबाई था। 

महाराणा प्रताप के पिता का लगाओ उनकी छोटी रानी धीरबाई से बहुत ज्यादा था उदय सिंह ने अपनी छोटी रानी के पुत्र जो राजा उदय सिंह के नवे पुत्र बने जिनका नाम जगमाल को अपने जीवित रहते हुए ही अपना उत्तराधिकारी बना देते हैं.

उदयसिंह की मृत्यु 1572 में हुई इनकी मृत्यु के बाद इनकी जो दूसरी रानी थी धीरबाई जिन्हें रानी भटियानी बाई भी कहते हैं इनके पुत्र जगमाल अपने पिता के दाह संस्कार के कार्य में उपस्थित नहीं होते हैं क्योंकि राजस्थान में एक परंपरा है की पिता की मृत्यु होने पर सबसे बड़ा पुत्र अंतिम संस्कार की क्रिया में शामिल नहीं होता उदयसिंह की मृत्यु 1572 में होली के दिन हुई और इसी दिन उदय सिंह की छोटी रानी धीर बाई ने अपने पुत्र जगमाल को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया परंतु राज्यसभा उपस्थित सभी सामनतो को यह उचित नहीं लगा.

maharana-pratap-jivan-parichy
 महाराणा प्रताप का छोटा सा जीवन परिचय

 मेवाड़ के सामंतों को यह मंजूर नहीं था कि कि महाराणा प्रताप अपने उचित स्थान से वंचित रहे यानी कि कहा जाए कि वह राजतिलक और राज्य का देखभाल करने के लिए राजा के पद पर स्थित रहे आपको बता दें कि महाराणा प्रताप का पहला राज्याभिषेक 1572 में गोगुंदा में हुआ था चुंडावत राज्य के महाराज कृष्ण  दास चुंडावत और महाराणा प्रताप के नाना अखेराज सोनगरा दोनों ने परिश्रम कर जगमाल जो महाराणा प्रताप का  नवाभाई जो उनकी छोटी माता से उत्पन्न हुआ था जिसका नाम जगमाल था उससे  राजाचुंडावत और अखेराज सोनगरा ने  उसका शासन छीन लेते हैं और महाराणा प्रताप को 1572 में मेवाड़ की के राजा की तलवार थमा देते हैं जगमाल बेहद नाराज था वही कुंभलगढ़ में महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक किया गया आज भीं कुंभलगढ़ में महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक का उत्सव मनाया जाता है नाराज जगमाल अपनी हार का प्रतिशोध लेने के लिए बादशाह अकबर के खेमे में जाकर शामिल हो जाता हैं और वही उनकी सेवा करने लग जाता हैं.

बाद में उसने एक युद्ध लड़ा था द्त्तानी का युद्ध इसी दत्तानी के युद्ध में जगमाल दत्तानी के राजा सिरोही के सुल्तान देवरा के सामने लड़ता हुआ वीरगति को प्राप्त हो जाता है.

 महाराणा प्रताप के उपनाम [कीका] था। यह नाम उनका बचपन का नाम भी था। महाराणा प्रताप का बचपन राजा के पुत्र जैसा जीवन नहीं व्यतीत कर पाये थे. आलीशान बचपन नहीं था उनका जो बचपन था वह भील बालकों के साथ बीता जंगली जानवरों के साथ रहते हुए उनका बचपन बीता। 

 राणा कीका कह कर इन्हें पुकारा जाता था। जब छोटे थे कीका वीर महा शिरोमणि राणा प्रताप को कहा जाता है अब्दुल फजल द्वारा महाराणा प्रताप को नलियाकती कहा गया राजस्थान के जितने भी प्राचीनतम ग्रंथ है पृथ्वीराज राठौड़ जो बीकानेर का कवि थे। 

जो अकबर के दरबार एक साहित्यकारों मे से एक थे। राजस्थानी डिंगल साहित्य में पाथल के नाम से भी संबोधित किया गया आपको बता दें कि आज से लगभग 500 साल पहले जब पूरी दुनिया पर मुगल शासन का हुकूमत थी जिसके राजा अकबर थे अकबर विस्तारवादी नीति का बादशाह था। 

अकबर की एक नीति थी अकबर जहां भी जाता जीतकर आता था और वहां के राजा को अपने झंडे के नीचे रहने के लिए कहता था कहने का मतलब यह है कि अकबर उन्हें उनका राज सोप देता था. तथा और उनसे कर वसूल करता था अकबर उन हारे हुए राजा से करो को वसूलने के साथ उनके द्वारा बेहद खास हथियार व अच्छी नस्ल के जानवर हाथी घोड़े और सैन्य प्रशिक्षण कर सैनिकों को उनसे तैयार करवाता था अकबर पूरी दुनिया पर कब्जा या यूं कहें कि अपना राज्य स्थापित करना चाहता था उसने प्रयास भी शुरू कर दिए सभी जगह जीत हासिल करने के बाद उसने राजपूताना रियासतों पर अपना मुगल ध्वज लहराने की शपथ ली ले ली थी। 

राजपूताना रियासतों में से कई रियासतें अकबर के सामने झुक चुकी थी। अधिकतर रियासतों के राजा मुगल सम्राट अकबर के चरणों में आ चुके थे। लेकिन उस समय मेवाड़ पर राणा उदय सिंह का शासन हुआ करता था उदय सिंह उनके राज्य में शामिल होने से असहमति अपने पत्र द्वारा भेज दी। 

अकबर ने उन पर बहुत दबाव डाला किंतु उदय सिंह ने उनके सामने हार नहीं मानी आपको बता दें कि जब महाराणा प्रताप ने अपने राज्य की गद्दी पर विराजमान हुए तब राजपूताना साम्राज्य बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहा था अकबर की कुरर्ता के आगे कई बादशाह नरेश अपने सर झुका चुके थे और कई राजाओं ने मुगल वंश से संबंध स्थापित कर लिए थे। 

कुछ स्वाभिमानी राजपूताना राज्यों के राजा महाराणा प्रताप के साथ थे। महाराणा प्रताप अकबर जो मुगल बादशाह है उसके खिलाफ अटल थे अकबर की आंखों में वह सदैव खटकते रहते थे। महाराणा प्रताप जिस घोड़े पर बैठते थे। उसी पर कही भी जाते थे।  वह पूरा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नस्ल का घोडा था। महाराणा प्रतापतब युद्ध में 72 किलो का कवच पहनकर 81 किलो का भाला अपने हाथ में रखा करते थे भाला कवच ढाल और दो तलवारों का वजन मिलाकर 208 किलो था। इतने वजन को उठाकर वह पूरे दिन युद्ध लड़ा करते थे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तब उनकी शक्ति क्या रहती होगी 208 किलो का वजन लेकर वो युद्ध लड़ा करते थे मेवाड़ को जीतने के लिए कई प्रयास किए अकबर महाराणा प्रताप अन्य राजाओं की तरह अकबर की आधीनता स्वीकार कर लें लेकिन महाराज महाराणा प्रताप ने ऐसा नहीं किया महाराणा प्रताप और घोडा चेतक ने मुगल सेना से कई वर्षों तक युद्ध किया महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की धरती को मुगलों के प्रकोप से बचाने के लिए कई बार युद्ध किया महाराणा प्रताप की वीरता के कायल अन्य राज्यों के राजा और मुगल साम्राज्य के राजा अकबर भी थे। 

क्योंकि महाराणा प्रताप युद्ध में हारे हुए राजाओं की पत्नियों को उस राज्य की स्त्रियों को सम्मान के साथ वापस भेज देते थे। महिलाओं को सम्मान करने से उनकी महानता पूरे विश्व में गूंज उठी महाराणा प्रताप की मृत्यु जब हुई तब अकबर की आंखें भी नम हो गई थी और उन्होंने भी चिट्ठी लिखी थी महाराणा प्रताप के लिए अकबर ने लिखा था कि देशभक्त हो तो महाराणा प्रताप जैसा तो दोस्तों यह था महाराणा प्रताप का एक छोटा सा जीवन परिचय जो आपको पढ़कर अच्छा लगा होगा। 

दोस्तों महाराणा प्रताप के बारे में कई बड़ी छोटी परीक्षाओं में 1 सवाल जरूर आते हैं हमें हमारे महाराणा प्रताप के बारे में संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए यह जानकारी अति आवश्यक है इसलिए यह सभी को जानना भी चाहिए कि महाराणा प्रताप कौन थे उनके पिता कौन थे उनकी माता कौन थे उनका जन्म कब हुआ था यह जानने का हक सभी का है इसलिए आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों रिलेशन में भाइयों बहनों बेटे बेटियों को सभी को आप इस पोस्ट को शेयर करें ताकि उनका भी ज्ञान भंडार बड़े धन्यवाद।read more

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी कहानी एक जिद्दी बच्चे की l

दोस्तों यह हिन्दी कहानी एक जिद्दी बच्चे की है जिसे उसके माता-पिता उसे अपने जिद्दीपन से कैसे छुटकारा दिलाते हैं एक महानगर की बात है वहां पर एक फैमिली रहती थी जो बहुत ही अमीर थी अमीर फैमिली में हस्बैंड वाइफ और एक बच्चा रहता था उस बच्चे की मां और उसके पिता उसके लिए सब कुछ करने के लिए हमेशा तैयार और उसकी खुशी के लिए सब कुछ करते थे वह जो बोलता था वैसा वह करते थे यही कारण था कि वह बच्चा एक जिद्दी बच्चा बन गया वह जो चीज करने के लिए कह देता वह मजबूरन उन्हें करना पड़ता था ममी पापा अपने बच्चो को बहुत प्यार करते हे यह बात जब बच्चा बढ़ा हो जाता हे तब समझता है। हिन्दी कहानी एक जिद्दी बच्चे की  अब धीरे धीरे इनके बच्चे का जिद्दीपन बढ़ता जा रहा था यह अब बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे वह बच्चा जब स्कूल से घर आता तो मां के हाथ का बना हुआ स्वादिष्ट खाना नहीं खाता और बर्गर पिज्जा खाने की जिद करता यह उसका रोज का काम था लेकिन एक दिन उसकी मां ने उसे साफ मना कर दिया कि मैं तुझे बर्गर पिज़्ज़ा आइसक्रीम कोल्डड्रिंक चिप्स यह सब नहीं दूंगी आज तुझे तो मेरे हाथ का खाना खाना ही होगा वह मना करके अपने रूम में चला जाता है उ

जब कोई लड़की आपको इग्नोर करे तो क्या करे

पहले देखी थी अब इग्नोर करती है इसका मुख्य कारण क्या हो सकता है वह मैं आपको आज बताने वाला हूं इस पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि लड़की पहले तो आपको देख कर मुस्कुराती थी आपको देखकर smileदेती थी आपको लाइन देती थी लेकिन अब वहां अब आप को देख नहीं रही है और और ना ही स्माइल ले रही है ऐसी सिचुएशन में आप क्या करें कि वह आपको फिर से पहले की तरह ही देखें आपको चाहे आप से प्यार करें इसके लिए आपको करना यह है कि आपको अपने आप पर थोड़ा ध्यान देना है आपको अपना ड्रेसिंग सेंस फिर से सुधार लेना है और आपको जब भी वह आपके सामने आती है तो आपको उसे देख कर स्माइली देनी है जिससे लड़की जो आप को इग्नोर करके सबक सिखाना चाहती है उसे यह लगेगा कि आप पर तो उसका इग्नोर करने के तरीके का कोई फर्क नहीं पड़ा। जब कोई लड़की आपको इग्नोर करे तो क्या करे दोस्तों लड़की के इग्नोर करने के बहुत सारे कारण होते हैं जैसे कि जब लड़की आपसे प्यार करती है आपको देखती है स्माइल करती है वह ज्यादा से ज्यादा लाइन देती है बता देती है कि वह आपसे प्यार करती आप पसंद करती है दोस्तों लड़की तब तक आप को लाइन देती रहती है जब तक उसे यह समझ में नहीं आ जात

लड़कियों के प्यार के इशारे समझना.

दोस्तों लड़की पटाना या उससे फ्रेंडशिप करना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है दोस्तों आपको बताना चाहता हूं की जब तक लड़की आपको पसंद नहीं करेगी या नहीं चाहेगी  तब तक आपको लाइक नहीं करेगी जब तक आप कितनी भी कोशिश कर ले आप उसका प्यार नहीं बन सकte है आपको लड़की के हाव-भाव और लड़कियों के प्यार के इशारे समझना पड़ेगा. लड़कियों के प्यार के इशारे समझना. लड़की कैसे पटाए दोस्तों जब भी आप लड़की के सामने आती हैं तो वह आपको देखती है मेरा कहने का मतलब है उसका देखना मतलब उसकी नजरों का आपकी नजरों से मिलना और कम से कम 5 सेकंड तक मिलना और साथ ही उसके चेहरे पर स्माइल होना यह संकेत होता है कि वह आप मैं इंटरेस्टेड है बस यही इशारे होते हैं समझने के लिए कि वह आपको पसंद करती हैयदि लड़की किसी के साथ खड़ी है और और बार-बार आपको देखकर हल्की सी मुस्कुराहट देती है और अपनी ड्रेस ठीक करती है या अपने बालों को ठीक करती है तो आप समझ ले कि आप उसे अच्छे लगते हैं दोस्तों यदि ऐसे संकेत आपको मिल रहे हैं तो आप बात करने का मौका देखिए आप को मौका मिलता है बात करने का जरूर करें कुछ भी बात करें लेकिन बात जरूर करें बस आपको या नहीं कहना है कि